डिलीवरी के बाद मां का आहार - दूध बढाने वाले पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ
डिलीवरी के बाद मां के शरीर में बदलाव और दूध की कमी की समस्या
डिलीवरी के बाद एक मां का शरीर एक नई यात्रा शुरू करता है - शारीरिक रूप से थका हुआ, हार्मोनल रूप से असंतुलित और भावनात्मक रूप से संवेदनशील। इस समय मां के शरीर को सही पोषण की सख्त जरूरत होती है ताकि वह न केवल जल्दी रिकवर कर सके, बल्कि नवजात को पोषण देने के लिए पर्याप्त दूध भी बना सके।
अक्सर डिलीवरी के कुछ दिनों बाद नई मांओं को दूध की कमी महसूस होती है, जो सामान्य है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
हार्मोनल बदलाव
नींद की कमी
पोषण की कमी
अधिक तनाव
बार-बार स्तनपान न कराना
लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है सही खानपान और देखभाल से मां के दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर की जा सकती है।
मां के दूध का शिशु के लिए महत्व
मां का दूध शिशु के लिए सबसे उत्तम आहार होता है।
1.प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है
2.संक्रमण से बचाता है
3.मानसिक और शारीरिक विकास में मदद करता है
4.मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाता है
इसलिए मां को ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो दूध बनाने वाली ग्रंथियों को सक्रिय करें, और शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करें।
Mother's diet after delivery |
डिलीवरी के बाद मां को क्या खाना चाहिए जिससे दूध अच्छा आए
यहाँ हम कुछ ऐसे सुपरफूड्स और पोष्टिक तत्वों की बात करेंगे जो दूध बढ़ाने में मदद करते हैं:
1. मेथी (Fenugreek)
मेथी में फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं जो दूध की मात्रा बढ़ाते हैं। इसे सब्जी, पराठा या मेथी के लड्डू के रूप में खाया जा सकता है।
2. सौंफ (Fennel Seeds)
सौंफ पाचन ठीक रखती है और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए फायदेमंद होती है। आप सौंफ का पानी पी सकती हैं।
3. गोंद के लड्डू
गोंद, घी, मेवे और आटे से बने लड्डू नई मां के लिए एनर्जी बूस्टर होते हैं और दूध की मात्रा बढाते हैं।
4. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, बथुआ जैसी सब्जियों में आयरन, कैल्शियम और फाइबर भरपूर होते हैं जो दूध की गुणवत्ता को बेहतर करते हैं।
5. मूंग की दाल
यह आसानी से पच जाती है और प्रोटीन से भरपूर होती है, जिससे मां का शरीर मजबूती पाता है।
6. दूध और दूध से बने उत्पाद
दूध, दही और पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम होता है जो हड्डियों और दूध उत्पादन के लिए जरूरी है।
7. घी
घी शरीर में गर्मी बनाए रखता है और डिलीवरी के बाद रिकवरी में मदद करता है।
8. नारियल
नारियल पानी हाइड्रेशन के लिए उत्तम है और इसका गूदा भी एनर्जेटिक होता है।
9. ओट्स
फाइबर और आयरन से भरपूर ओट्स दूध की मात्रा बढ़ाने में सहायक हैं।
10. तिल और बाजरा
तिल में कैल्शियम और बाजरे में आयरन होता है जो मां और बच्चे दोनों के लिए लाभकारी है।
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हाइड्रेशन (पानी) का महत्व
मां को दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा निम्न चीजें भी फायदेमंद हैं:
1.नारियल पानी
2.जीरे या सौंफ का पानी
3.सूप और दालें
4.छाछ या मट्ठा
किन चीजों से बचना चाहिए?
डिलीवरी के बाद कुछ चीजें ऐसी हैं जो दूध की मात्रा को घटा सकती हैं या बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं:
तला-भुना भोजन
अधिक मिर्च-मसाले
कैफीन (चाय/कॉफी)
शराब और सिगरेट
प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड
बासी या ठंडा खाना
नई मांओं के लिए लाइफस्टाइल टिप्स
पर्याप्त नींद लें
हालांकि मुश्किल हो सकता है, लेकिन जब भी बच्चा सोए, मां को भी थोड़ा आराम कर लेना चाहिए।
तनाव से दूर रहें
तनाव हार्मोनल संतुलन बिगाड़ता है, जिससे दूध कम हो सकता है। मेडिटेशन, प्रार्थना या हल्की वॉक मदद कर सकती है।
बच्चे को बार-बार स्तनपान कराएं
जितना ज्यादा स्तनपान होगा, उतना ही दूध बनता है - यह supply and demand का सिद्धांत है।
जरूरत होने पर डॉक्टर से सप्लिमेंट लें
यदि खानपान से पर्याप्त दूध न बने तो डॉक्टर की सलाह से आयरन, कैल्शियम या आयुर्वेदिक सप्लिमेंट लिए जा सकते हैं।
घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपाय
1. मेथी के दाने का पानी - रात को भिगोकर सुबह पीना फायदेमंद है।
2. शतावरी कल्प - आयुर्वेद में स्तनपान बढ़ाने के लिए कारगर माना गया है।
3. सौंठ का काढ़ा - सर्दी-जुकाम से बचाता है और शरीर में गर्मी लाता है।
4. गोंद के लड्डू - रोज सुबह एक लड्डू खाना लाभकारी है।
"जब मैंने अपने खानपान से दूध की मात्रा बढ़ाई"
मेरी दोस्त अनामिका, जो हाल ही में मां बनी थीं, डिलीवरी के बाद बहुत परेशान थीं क्योंकि उनके बच्चे को पर्याप्त दूध नहीं मिल पा रहा था। वह तनाव में थीं और सोचती थीं कि शायद वह फेल हो रही हैं। तब उनकी सास ने उन्हें सौंफ का पानी, मूंग की दाल और मेथी के लड्डू खाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने ओट्स और नारियल पानी को भी डाइट में शामिल किया।
सिर्फ एक हफ्ते में उन्होंने महसूस किया कि दूध की मात्रा में सुधार हुआ है। बच्चे की नींद बेहतर होने लगी और रोना कम हो गया। उन्होंने सीखा कि सिर्फ सही खाना ही नहीं, सकारात्मक सोच भी बहुत जरूरी है।
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FAQs: नई मांओं के मन के सवाल
Q 1. डिलीवरी के बाद दूध क्यों कम होता है?
हार्मोनल बदलाव, तनाव, गलत खानपान, या नींद की कमी इसकी वजह हो सकते हैं।
Q 2. क्या तनाव से दूध कम हो सकता है?
हां, तनाव ऑक्सीटोसिन हार्मोन को प्रभावित करता है, जो दूध निकालने में मदद करता है।
Q 3. शिशु को कितना दूध चाहिए?
नवजात को हर 2-3 घंटे में दूध चाहिए। शुरुआत में 30-60 ml काफी होता है।
Q 4. क्या स्तनपान के दौरान चाय पी सकते हैं?
एक-दो बार हल्की चाय चलेगी, लेकिन ज्यादा कैफीन से बचें।
Q 5. दूध बढ़ाने के लिए कौन सा आयुर्वेदिक उपाय सबसे अच्छा है?
शतावरी कल्प, सौंफ, मेथी और अश्वगंधा का सेवन उपयोगी होता है (डॉक्टर की सलाह से)।
निष्कर्षः मां क्या खाएं, क्या न खाएं और क्यों जरूरी है सकारात्मक सोच
डिलीवरी के बाद एक मां के लिए सही खानपान ही उसका असली सहारा होता है।
क्या खाएं:
मेथी, सौंफ, हरी सब्जियां, मूंग की दाल, ओट्स, दूध, घी, तिल, नारियल पानी
पर्याप्त पानी और गर्म चीजें
क्या न खाएं:
तला-भुना, मसालेदार, प्रोसेस्ड फूड, शराब, कैफीन
क्या करें:
आराम करें, तनाव न लें, बार-बार स्तनपान कराएं, डॉक्टर से सलाह लें
क्यों जरूरी है सकारात्मक सोचः
क्योंकि एक खुश और शांत मां ही अपने बच्चे को सबसे अच्छा पोषण दे सकती है।
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